1995 में किया था क़त्ल
गाजीपुर से हुआ गिरफ्तार
मुंबई: कांदीवली (Kandivali)
में 29 साल पहले हुए कत्ल के एक मामले में वांछित मुजरिम को कांदिवली पोलीस थाना (Kandivali Police Station) ने
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) से धर दबोचा है। 57 वर्षीया आरोपी की उम्र के इस पड़ाव पर हुई गिरफ्तारी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है।
मुंबई (Mumbai) के कांदिवली पोलीस ठाणे (Kandivali Police Station) के दस्ते ने 29 वर्षों से कत्ल के इल्जाम में फरार चल रहे एक मुलजिम को गिरफ्तार कर लिया है। 57 वर्षीय आरोपी पारस शंकर यादव (Paras Shankar Yadav) पिछले लगभग तीन दशकों से पुलिस को चकमा दे रहा था, जिसे आखिरकार उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) से पकड़ लिया गया।
जमानत मिलने पर हुआ फरार
पारस शंकर यादव (Paras Shankar Yadav) के खिलाफ 1995 में क़त्ल का मुकदमा दर्ज हुआ था। वह उस वक्त लोकमान्य चाल कमिटी नं. 2, हनुमान नगर वडारीपाडा कांदिवली (पूर्व), मुंबई में रहता था। लेकिन 14 दिसंबर 1998 को जमानत पर छूटने के बाद वह फरार हो गया था। अदालत ने 03 मई 2017 को उसे आधिकारिक तौर पर फरार घोषित कर दिया था।
ह्युमन इंटेलिजेंस और पुलिस की सूझबूझ
प्रतिबंधक अधिकारी, स.पो.नि. माधवी कडव (Madhavi Kadav) और प्रतिबंधक दस्ते के पो.ह. वामन जायभाये (Vaman Jaibhaye) तथा पो.शि. अभिजित चव्हाण (Abhijit Chavan) के पास आरोपी की कोई तस्वीर या मोबाइल नंबर जैसी जानकारी नहीं थी। इसके बावजूद उन्होंने ह्युमन इंटेलिजेंस का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए तकनीकी और मैदानी स्तर पर छानबीन की और 3 नवंबर 2026 को उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के गाजीपुर (Ghazipur) जिले के थाना खानपुर तहसील अंतर्गत आने वाले अहलादपुर गांव से उसे दबोच लिया।
उच्च अधिकारियों का मार्गदर्शन और जांच टीम
यह पूरी कार्रवाई मा. श्री. देवेन भारती (Deven Bharti), पोलीस आयुक्त, बृहन्मुंबई, मा. श्री. मनोजकुमार शर्मा (Manoj Kumar Sharma), पोलीस सह आयुक्त, श्री. शशीकुमार मीना (Shashikumar Meena), अपर पोलीस आयुक्त, मा. श्री. संदीप घुगे (Sandeep Ghuge), पोलीस उप आयुक्त, मा. श्री. संतोष धनवटे (Santosh Dhanwate), सहाय्यक पोलीस आयुक्त, श्री. करण सोनकवडे (Karan Sonkawade), वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक, कांदिवली पोलीस ठाणे (Kandivali Police Station), मुंबई, और श्री. लक्ष्मण करांडे (Laxman Karande), पोलीस निरीक्षक के मार्गदर्शन में अंजाम दी गई।
इस सराहनीय ऑपरेशन को सफल बनाने वाली टीम में प्रतिबंधक अधिकारी सहाय्यक पोलिस निरीक्षक माधवी कडव (Madhavi Kadav), पो.ह. वामन जायभाये (Vaman Jaibhaye), पो.शि. अभिजीत चव्हाण (Abhijit Chavan), पो.ह. तुषार सावंत (Tushar Sawant), म.पो.ह. अंजना यादव (Anjana Yadav) और तकनीकी सहायता देने वाले पो.शि. आदित्य राणे (Aditya Rane) शामिल रहे, जिनकी मुस्तैदी से इस पुराने मामले का पर्दाफाश हुआ।
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