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महाराष्ट्र के सफाई कर्मचारियों को मालिकाना हक के साथ मिलेंगे घर : मुख्यमंत्री फडणवीस

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प्री-फैब्रिकेटेड तकनीक से निर्मित बीएमसी की पहली इमारत का उद्घाटन
​मुंबई : दक्षिण मुंबई (South Mumbai) के कोलाबा (Colaba) स्थित पंचशील नगर (Panchsheel Nagar) बस्ती में आश्रय योजना कक्ष (Ashray Yojana Cell), चरण-2 के तहत सफाई कर्मचारियों के लिए निर्मित 140 आवासीय फ्लैटों की परियोजना का शुक्रवार को उद्घाटन किया गया। यह प्री-फैब्रिकेटेड तकनीक से निर्मित बृहन्मुंबई महानगरपालिका – बीएमसी (BMC – Brihanmumbai Municipal Corporation) की पहली इमारत है।
​कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) के हाथों कर्मचारियों को चाबियाँ सौंपी गईं।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde), विधानसभा अध्यक्ष एड. राहुल नार्वेकर (Adv. Rahul Narwekar), महापौर रितु तावडे (Ritu Tawde), उपमहापौर संजय घाडी (Sanjay Ghadi), नगरसेवक मकरंद नार्वेकर (Makarand Narwekar), हर्षिता नार्वेकर (Harshita Narwekar) और महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिडे (Ashwini Bhide) सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
​”2028 तक सभी सफाई कर्मचारियों को सेवाकालीन आवास का लक्ष्य”
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि नागरिकों के स्वास्थ्य की देखभाल करने के लिए अपने स्वास्थ्य की परवाह किए बिना कार्य करने वाले सफाई कर्मचारी वास्तव में समाज को बेहतर स्वास्थ्य प्रदान करने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। राज्य सरकार ने महाराष्ट्र के सभी सफाई कर्मचारियों को सेवाकालीन आवास के साथ-साथ मालिकाना हक वाले घर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इससे भविष्य में प्रत्येक सफाई कर्मचारी को अपने स्वयं के घर की चिंता नहीं रहेगी।
​मुख्यमंत्री के भाषण के प्रमुख बिंदु:
​योजनाएं और हस्तांतरण: सफाई कर्मचारियों के लिए ‘डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर श्रमसाफल्य योजना’ (Dr. Babasaheb Ambedkar Shramsafalya Yojana) और ‘वाल्मीकि आवास योजना’ (Valmiki Awas Yojana) शुरू की गई हैं। सेवाकालीन आवास में सेवानिवृत्ति के बाद यदि कर्मचारी का बेटा उसी स्थान पर नियुक्त होता है, तो घर उसे हस्तांतरित कर दिया जाएगा।
​2028 का लक्ष्य: वर्ष 2028 तक सभी सफाई कर्मचारियों को सेवाकालीन आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
​लाड-पागे समिति: वर्ष 1973 में गठित लाड-पागे समिति (Lad-Page Committee) को 2015 में पुनर्गठित कर अनुकंपा के आधार पर वारिस नियुक्ति की व्यवस्था लागू की गई। न्यायालयीन लड़ाई जीतकर इसकी सिफारिशों को लागू किया गया है।
​रोजगार और सुविधाएं: निर्धारित शैक्षणिक योग्यता पूरी करने वाले सफाई कर्मचारियों के बच्चों को वर्ग-3 (Class-3) में नौकरी देने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा, ठेका, दैनिक वेतन और एवजदार पद्धति से काम करने वाले कर्मचारियों को भी न्यूनतम वेतन और आवश्यक सुविधाएं दी जाएंगी।

“सफाई कर्मचारी ही मुंबई के असली हीरो”
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde)
ने कहा कि ​”जब मुंबई गहरी नींद में होती है, तब सफाई कर्मचारी सड़कों की सफाई कर मुंबईकरों के स्वास्थ्य की रक्षा करते हैं। कोविड महामारी, गहन स्वच्छता अभियान और बारिश में जलभराव के दौरान भी ये कर्मचारी सड़कों पर उतरकर काम करते हैं। इसलिए सफाई कर्मचारी ही मुंबई के असली हीरो हैं।”
DCM शिंदे के भाषण के प्रमुख बिंदु
​आवास पुनर्विकास: बीएमसी के 29 हजार सफाई कर्मचारियों को आवास उपलब्ध कराने का पहला चरण शुरू हो चुका है। मुंबई की 146 कर्मचारी बस्तियों का चरणबद्ध तरीके से पुनर्विकास किया जाएगा।
​घरों का आकार बढ़ा: पहले के 150 वर्ग फुट के स्थान पर अब 300 वर्ग फुट के गुणवत्तापूर्ण घर दिए जा रहे हैं।
​स्वास्थ्य और कार्यक्षमता: मुंबई से बाहर रहने वाले कर्मचारियों को लंबी रेल यात्रा करनी पड़ती है। मुंबई में ही सेवाकालीन आवास मिलने से उनके स्वास्थ्य और कार्यक्षमता में सुधार होगा।
​उच्च शिक्षा के लिए योजना: सफाई कर्मचारियों के बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर, वकील और आर्किटेक्ट बनकर समाज की मुख्यधारा में शामिल हों, इसके लिए बीएमसी को उनकी उच्च शिक्षा हेतु अलग योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
​”29 हजार कर्मचारियों के सपने की शुरुआत”
विधानसभा अध्यक्ष एड. राहुल नार्वेकर ने कहा, ​”मुंबई के 29 हजार सफाई कर्मचारियों को घर उपलब्ध कराने के सपने की शुरुआत पंचशील नगर में 140 फ्लैटों की चाबियां वितरित करने के साथ हुई है। यह सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
​एड. राहुल नार्वेकर ने बताई ​परियोजना की विशेषताएं:
​पंचशील नगर की दो इमारतों में कुल 140 फ्लैट बनाए गए हैं, जिनमें 10 लिफ्ट सहित सभी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं।
​स्वच्छ परिसर और बच्चों के अध्ययन के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है।
आश्रय योजना की रूपरेखा, चाबी वितरण और आंकड़े:
​बीएमसी द्वारा 30 कॉलोनियों का 35 परियोजनाओं के माध्यम से तीन चरणों में पुनर्विकास किया जा रहा है।
​कुल 12,144 घर (300 वर्ग फुट के 11,371 घर और 600 वर्ग फुट के 773 घर) बनाए जाएंगे।
​कुल 29 हजार सफाई कर्मचारियों को सेवाकालीन आवास देने की योजना है।
​चाबी प्राप्त करने वाले लाभार्थी:
​कार्यक्रम में प्रतीकात्मक रूप से सफाई कर्मचारियों को चाबियाँ प्रदान की गईं, जिनमें शामिल हैं:
​भारती धोत्रे (Bharati Dhotre)
​सचिन सोलंकी (Sachin Solanki)
​वंदना गोरेगांवकर (Vandana Goregaonkar)
​श्यामसिंह वाल्मीकि (Shyamsingh Valmiki)
​प्रशांत सावंत (Prashant Sawant)
​सतीश मार्चंडे (Satish Marchande)

प्रोटोकॉल विवाद: शिवसेना सांसद मिलिंद देवरा नाराज
शिवसेना से राज्यसभा सदस्य (सांसद) मिलिंद देवरा (Milind Deora) ने ​सरकारी कार्यक्रम में आमंत्रित न किए जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे (Ashwini Bhide) को पत्र लिखा है।
​”विकास परियोजनाओं से जुड़े कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों का उचित मान-सम्मान रखा जाना चाहिए। उन्होंने भविष्य में बीएमसी के सरकारी कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों को नियमानुसार आमंत्रित किए जाने संबंधित नियमों और प्रोटोकॉल का पालन करने की मांग की है।” ​दक्षिण मुंबई (South Mumbai) से दो बार सांसद रह चुके और पूर्व केंद्रीय मंत्री देवरा ने कहा कि उनके क्षेत्र में आयोजित इस सरकारी कार्यक्रम में स्थानीय सांसद होने के बावजूद निमंत्रण न मिलना आश्चर्यजनक है।

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