मुंबई : संसद व मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड (Varsha Gaikwad) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर भाजपा (BJP) ने मुंबई को बदहाल कर दिया है और मुंबईकरों के करोड़ों रुपए पानी में बह गए हैं। वर्षा गायकवाड ने आरोप लगाया कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में पिछले 30 सालों से सत्ता का सुख भोगने वाली भाजपा अब अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ रही है। (BJP responsible for Mumbai’s plight, alleges Varsha Gaikwad)
बीएमसी में 30 साल की सत्ता और भ्रष्टाचार
वर्षा गायकवाड ने भाजपा की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले 30 वर्षों से बीएमसी (BMC) में भाजपा की सत्ता रही है। चाहे वह शिवसेना के साथ 25 साल का गठबंधन हो या चुनावों के अभाव में प्रशासकों के माध्यम से चलाया गया शासन, हर दौर में भाजपा ही सत्ता की मलाई खाती रही है। उन्होंने कहा कि आज मुंबई की जो दुर्दशा हुई है, उससे भाजपा भाग नहीं सकती। भाजपा ने सिर्फ अपने खजाने भरने का काम किया है और मुंबई की जनता को भगवान भरोसे छोड़ दिया है।
पहली बारिश में खुली विकास के दावों की पोल
नालेसफाई और विकास कार्यों के बड़े-बड़े दावों को खारिज करते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि बीएमसी हर साल नालेसफाई पर 100 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करती है। इसके बावजूद मात्र एक-दो दिन की बारिश में पूरी मुंबई पानी-पानी हो जाती है। शहर में सड़कें धंस रही हैं, सोसायटियों में पानी भर रहा है और ट्रैफिक जाम से लोग बेहाल हैं। प्रशासन और सत्ताधारी नेता 100 फीसदी काम पूरा होने का झूठा दावा कर रहे हैं। मेयर रील्स बनाने में व्यस्त हैं और कमिश्नर का कोई काम धरातल पर नजर नहीं आ रहा है।
सामाजिक विद्वेष फैलाकर श्रेय लेने की राजनीति
भाजपा नेताओं के दावों पर पलटवार करते हुए गायकवाड ने पूछा कि सड़कों पर उतरकर भाजपा ने आखिर कौन से बड़े काम किए हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली से लेकर गल्ली तक भाजपा की सत्ता है, लेकिन करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी जनता को कोई राहत नहीं मिली। भाजपा केवल हिंदू-मुस्लिम और बांग्लादेशी जैसे मुद्दों को उठाकर सामाजिक नफरत फैलाने में लगी है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि भाजपा या तो जनता को स्वच्छ और सुरक्षित मुंबई दे, अन्यथा अपनी कुर्सी खाली करे।
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे की टेस्टिंग पर उठाए सवाल
वर्षा गायकवाड ने मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के ‘मिसिंग लिंक’ प्रोजेक्ट में हुए भ्रष्टाचार को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि इस 13 किलोमीटर लंबे प्रोजेक्ट पर 7,180 करोड़ रुपये खर्च किए गए और मई में इसका भव्य उद्घाटन हुआ। मगर दो महीने के भीतर ही पहली बारिश ने इस काम की पोल खोल दी और सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए। इस पर उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का यह कहना कि यह केवल एक ‘टेस्टिंग’ है, बेहद हास्यास्पद और यात्रियों की जान से खिलवाड़ करने जैसा है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर यह सिर्फ टेस्टिंग थी, तो जनता से टोल टैक्स क्यों वसूला जा रहा है।
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