मुंबई: महाराष्ट्र की 29 महापालिकाओं के चुनाव परिणामों ने राज्य की राजनीतिक तस्वीर साफ कर दी है। सबसे अधिक सीटें जीतकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शीर्ष स्थान पर रही। यहां तक कि मुंबई महानगर पालिका में भी भाजपा ने सबसे ज्यादा सीटें हासिल की हैं। जबकि एक ओर भाजपा ने शानदार सफलता पाई, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी की हालत चिंताजनक नजर आ रही है।
महापालिका चुनावों में मिले शर्मनाक शिकस्त के बाद अब कांग्रेस के भीतर आपसी मतभेद सामने आ रहे हैं। मुंबई में पार्टी की बुरी हार के बाद, वरिष्ठ नेता भाई जगताप ने सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताते हुए मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड से इस्तीफे की मांग की थी। इसी कारण अब पार्टी शीर्ष नेतृत्व ने भाई जगताप को ‘शोकॉज’ नोटिस (कारण बताओ नोटिस) जारी करते हुए सात दिनों के भीतर लिखित जवाब देने का आदेश दिया है।
रविवार को होगा मंथन
इस घटनाक्रम के बीच, चुनावी विफलता पर चर्चा के लिए रविवार 18 जनवरी को मुंबई में कांग्रेस नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक भी होने वाली है। यह बैठक सुबह 11 बजे दादर स्थित तिलक भवन में आयोजित की गई है। इस बैठक में पार्टी की हार के कारणों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। साथ ही, आगामी जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों की रणनीति पर भी मंथन हो सकता है।
बैठक में शामिल होंगे ये प्रमुख नेता
इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ, पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, विधानसभा में कांग्रेस के नेता विजय वडेट्टीवार और विधान परिषद में नेता सतेज पाटील के शामिल होने की संभावना है। इसके अलावा, पार्टी के कार्यकारिणी सदस्य एवं पूर्व मंत्री चंद्रकांत हंडोरे, नसीम खान, गोवा प्रभारी माणिकराव ठाकरे, पूर्व मंत्री अमित देशमुख, विश्वजीत कदम और राज्य चुनाव समिति के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहेंगे। यह बैठक आने वाले दिनों में कांग्रेस की दिशा तय करने में अहम साबित हो सकती है।
बीजेपी ने कांग्रेस को घेरा
बीएमसी चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद अंदरूनी विवाद शुरू हो गए हैं। भाई जगताप ने बीएमसी चुनाव में कांग्रेस की हार पर मुंबई की अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ का इस्तीफा मांगा तो उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इस पर भाजपा के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस में डेमोक्रेसी चोरी हो चुकी है। पूनावाला ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता भाई जगताप ने बीएमसी चुनाव के बाद जिम्मेदारी तय करने की कोशिश की तो उन्हें नोटिस जारी कर दिया गया। वहीं, दूसरी तरफ मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेता ने महिलाओं पर अभद्र, ओछी टिप्पणी की है, उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

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