नागपुर में ‘राज्यमाता गोमाता संवाद यात्रा’ का शानदार समापन
मुंबई : महाराष्ट्र के नागपुर स्थित वसंतराव देशपांडे सभागार में ‘राज्यमाता गोमाता संवाद यात्रा 2026’ का भव्य समापन हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadanvis)ने कहा कि राज्य सरकार पशुपालन के माध्यम से महाराष्ट्र में समृद्धि लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि पशुपालन विभाग को केंद्र में रखकर एक विशेष विकास रणनीति (ग्रोथ स्ट्रैटेजी) तैयार की गई है, जिसके जरिए 25 प्रतिशत विकास दर हासिल करने का लक्ष्य है। इस योजना से कृषि-पूरक अर्थव्यवस्था का निर्माण होगा और किसानों को संकट के समय संबल मिलेगा। (Animal husbandry to bring prosperity: Boost to cow-based economy)
भारतीय देसी गायों का समृद्ध इतिहास और वैश्विक महत्व
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कृषि संस्कृति में गाय के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत में गीर, थारपारकर, राठी, साहिवाल, लालसिंधी, देवणी और गवलऊ जैसी देसी गायों का एक गौरवशाली इतिहास रहा है। उन्होंने ब्राजील का उदाहरण देते हुए कहा कि उस देश ने भारतीय नस्ल की गायों पर प्रयोग करके अपने यहाँ दूध उत्पादन में क्रांति ला दी है। आज दुनिया के 10 से अधिक देशों में पाई जाने वाली संकर गायों में 80 प्रतिशत जीन भारतीय देसी गायों के ही हैं। शोध और रिपोर्ट बताते हैं कि जिन किसानों के पास गायें हैं, उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठाया।
गोशालाएं बनेंगी शक्ति केंद्र
सरकार का उद्देश्य गोशालाओं को केवल गायों के रहने की जगह न बनाकर उन्हें शोध और शक्ति केंद्र के रूप में विकसित करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गाय के गोबर से बने पेंट, गोमूत्र और दूध से कई तरह की दवाइयां बनाई जा रही हैं। इन गो-आधारित उत्पादों की बेहतर ब्रांडिंग के लिए राज्य सरकार आगे आएगी। सरकार इन उत्पादों की बिक्री के लिए अलग-अलग स्थानों पर बहुत ही कम या रियायती दरों पर स्टॉल उपलब्ध कराएगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा।
गोवंश सुरक्षा के लिए कड़े कानून और मकोका का प्रावधान
कार्यक्रम में उपस्थित स्कूली शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में गोवंश संरक्षण के लिए बेहद कड़े फैसले लिए गए हैं। राज्य में गो-तस्करी को पूरी तरह रोकने के लिए तस्करों पर ‘मकोका’ (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून) लगाने जैसा ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। इसके साथ ही, जिस वाहन का उपयोग बार-बार गो-तस्करी के लिए किया जाता है, उसका पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) हमेशा के लिए रद्द करने का निर्णय लिया गया है।
चारा उत्पादन के लिए महिला बचत समूहों को मिलेगी लीज पर जमीन
वित्त एवं नियोजन राज्यमंत्री एड. आशीष जायसवाल ने सरकार के एक और महत्वपूर्ण फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गायों के पोषण और चारे की कमी को दूर करने के लिए 19 जून 2026 को एक शासनादेश जारी किया गया है। इसके तहत चारे की खेती के लिए सरकारी जमीन को महिला बचत समूहों (सेल्फ हेल्प ग्रुप्स) को 3 साल के पट्टे (लीज) पर दिया जाएगा, जिससे गायों के लिए चराई क्षेत्र सुरक्षित हो सकेगा।
‘गोटेन’ ब्रांड का विमोचन और संवाद यात्रा के आंकड़े
इस समारोह के दौरान मुख्यमंत्री के हाथों महाराष्ट्र गोसेवा आयोग की त्रैवार्षिक कार्य रिपोर्ट, योजना पुस्तिका और गोशाला उत्पादों के लिए ‘गोटेन’ (GoTen) ब्रांड के लोगो का अनावरण किया गया। गोसेवा आयोग के अध्यक्ष शेखर मुंदडा ने बताया कि यह ‘राज्यमाता गोमाता संवाद यात्रा’ 22 जून से 5 जुलाई 2026 तक आयोजित की गई थी। इस यात्रा ने 25 जिलों में करीब 6 हजार किलोमीटर का सफर तय किया, जिसमें 1 हजार से अधिक गोशालाओं और लगभग 15 हजार गोसेवकों व किसानों से सीधा संवाद साधा गया। इस कार्यक्रम में सांसद माया इवनाते, नागपुर की महापौर नीता ठाकरे और पशुपालन आयुक्त किरण पाटिल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
