मुंबई : मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने खुद को महाराष्ट्र सरकार में उपायुक्त स्तर का अधिकारी बताकर लोगों को गुमराह करने वाले एक फर्जी अधिकारी को गिरफ्तार किया है। आरोपी मंत्रालय में कार्यरत होने का झूठा दावा करता था और सरकारी अधिकारियों की तरह अंबर लाइट (बीकन) लगी कार का इस्तेमाल कर नागरिकों को धोखा दे रहा था।
अपराध शाखा के क्रिमिनल इंटेलिजेंस यूनिट को एक गोपनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि लगभग 45 वर्षीय एक व्यक्ति खुद को उपायुक्त दर्जे का अधिकारी बताकर लोगों के बीच प्रभाव जमाने और फर्जी पहचान के जरिए धोखाधड़ी कर रहा है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मानवीय और तकनीकी जांच के जरिए उसकी गतिविधियों और ठिकाने की जानकारी जुटाई।
मालाड से दबोचा गया आरोपी
जांच के दौरान पुलिस ने 23 जून 2026 को मालाड पूर्व स्थित प्रीतम होटल के पास, पुष्पा पार्क मार्ग क्रमांक-3, दत्त मंदिर रोड क्षेत्र में आरोपी को हिरासत में लिया। उस समय वह अंबर लाइट लगी होंडा सिटी कार का उपयोग कर रहा था। पुलिस ने वाहन सहित उसे कब्जे में ले लिया।
तलाशी में मिले कई फर्जी दस्तावेज
आरोपी के पास से कथित सरकारी पहचान पत्र, विभिन्न सरकारी संस्थाओं के विजिटिंग कार्ड, नियुक्ति पत्र, विभिन्न सरकारी विभागों और व्यक्तियों द्वारा जारी बताए गए ऑथराइजेशन लेटर, सरकारी विभागों के लेटरहेड, भारतीय राजमुद्रा और “Govt of India” लिखे स्टिकर सहित कई संदिग्ध और फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए। पुलिस को अन्य सरकारी संस्थाओं से संबंधित नकली कागजात भी मिले हैं।
कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस संबंध में दिंडोशी पुलिस थाने में अपराध क्रमांक 746/2026 दर्ज किया गया है। मामले की आगे की जांच मुंबई पुलिस अपराध शाखा की यूनिट-3 द्वारा की जा रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई
यह कार्रवाई मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) अनिल कुंभारे, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) कृष्णकांत उपाध्याय, पुलिस उपायुक्त (प्रकटीकरण) राज तिलक रौशन और सहायक पुलिस आयुक्त दिनकर शिलवटे के मार्गदर्शन में की गई। अभियान को अपराध शाखा के क्रिमिनल इंटेलिजेंस यूनिट के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

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