24 घंटे में आरोपी रोशन सुवर्णा गिरफ्तार
मुंबई की लाइफलाइन मानी जाने वाली लोकल ट्रेन में दरवाजा बंद करने को लेकर हुए मामूली विवाद ने एक 22 वर्षीय युवक की जान ले ली। चर्चगेट-नालासोपारा फास्ट लोकल के फर्स्ट क्लास डिब्बे में अंधेरी और बोरीवली स्टेशन के बीच हुई इस घटना में विरार निवासी मयंक लोहार की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। मामले में रेलवे पुलिस ने 24 घंटे के भीतर आरोपी रोशन सुवर्णा को गिरफ्तार कर लिया है।
बारिश के दौरान शुरू हुआ विवाद
पुलिस के अनुसार, 23 जून की रात भारी बारिश के दौरान ट्रेन के डिब्बे का दरवाजा बंद करने को लेकर मयंक लोहार और आरोपी रोशन सुवर्णा के बीच बहस शुरू हुई। विवाद बढ़ने पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई। आरोप है कि गुस्से में आकर रोशन ने अपने बैग से चाकू निकाला और मयंक के पेट पर कई वार कर दिए। हमले के बाद मयंक गंभीर रूप से घायल होकर डिब्बे में ही गिर पड़ा।
बोरीवली पहुंचने से पहले हुआ फरार
घटना अंधेरी और बोरीवली स्टेशन के बीच हुई। ट्रेन रात करीब 11.04 बजे बोरीवली स्टेशन पहुंची, लेकिन उससे पहले ही आरोपी ट्रेन से उतरकर फरार हो गया। सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन, आरपीएफ, जीआरपी और मेडिकल टीम मौके पर पहुंची। घायल मयंक को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बाद में शव को शताब्दी अस्पताल भेजा गया।
कौन था मयंक लोहार?
मयंक लोहार विरार पूर्व के सुरम पार्क स्थित अमरनाथ बिल्डिंग में अपने परिवार के साथ रहता था। वह अंधेरी के वेस्टसाइड स्टोर में सेल्समैन के रूप में कार्यरत था और रोजाना लोकल ट्रेन से अंधेरी से विरार तक सफर करता था। परिजनों के अनुसार, मयंक शांत स्वभाव का युवक था और उसका किसी से कोई विवाद नहीं रहता था।
कौन है आरोपी रोशन सुवर्णा?
रेलवे पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी रोशन सुवर्णा (30) मीरा रोड पूर्व, ठाणे जिले का निवासी है। वह अंधेरी स्थित एक कार्गो कंपनी में बारकोड और लेबलिंग का काम करता है। पुलिस जांच में सामने आया है कि वह अपने पिता के साथ उसी क्षेत्र में काम करता था और आमतौर पर दोनों साथ ही घर लौटते थे। घटना वाले दिन वह अकेले यात्रा कर रहा था।
सीसीटीवी और तकनीकी जांच से गिरफ्तारी
घटना के बाद रेलवे पुलिस ने स्टेशन और ट्रेन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में आरोपी की गतिविधियां कैद हुईं, जिसके आधार पर उसकी पहचान की गई। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और विशेष जांच टीमों की मदद से रोशन सुवर्णा का पता लगाया। बाद में उसे कुर्ला क्षेत्र से हिरासत में लिया गया और बोरीवली जीआरपी थाने लाया गया।
परिवार ने की कड़ी सजा की मांग
मयंक की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों ने आरोपी को सख्त से सख्त सजा, यहां तक कि फांसी देने की मांग की है। वहीं, रेलवे पुलिस हत्या के मामले में आगे की जांच कर रही है।

