16 जनवरी को बिठाएंगे महायुति का मेयर
मुंबई. मुंबई महानगरपालिका चुनाव के लिए महायुति ने रणनीति तैयार कर ली है। वरली में आयोजित विशाल जनसभा से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने प्रचार अभियान का श्रीगणेश किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्ष की जमकर खिंचाई करते हुए साफ कहा कि मुंबई में मेयर हिंदू और मराठी ही बनेगा।
बुर्केवाली मेयर’ वाले बयान पर गरजे सीएम
सभा को संबोधित करते हुए फडणवीस ने कहा, “कल वारिस पठान ने कहा था कि मुंबई में बुर्केवाली मेयर बनेगी। हमने सोचा था कि मराठी लोगों के बारे में बोलने वाले इसका विरोध करेंगे, लेकिन अचानक कायरों का सेल डाउन हो गया। एक भी व्यक्ति इस पर बोलने को तैयार नहीं। मैं उनकी छाती पर खड़े होकर कहता हूं – यहां मेयर हिंदू ही बनेगा, मेयर मराठी ही बनेगा।”
16 जनवरी को होगा संक्रांति पर चमत्कार
मुख्यमंत्री ने कहा, “यह चुनाव मुंबई की तस्वीर और मुंबईकरों का जीवन बदलने वाला है। 16 जनवरी स्वराज्य रक्षक संभाजी महाराज के राज्याभिषेक का दिन है। उस दिन हमें मुंबई में महायुति का मेयर बिठाना है। 14-15 जनवरी संक्रमण की तारीखें हैं, उस समय हम संक्रमण का चमत्कार करेंगे।”
मुंबई तोड़ने की किसी में हिम्मत नहीं
फडणवीस ने मुंबई अलग करने की बातों पर पलटवार करते हुए कहा, “चुनाव आते ही कुछ लोगों को मुंबई उत्तर की ओर सरकती दिखती है। मुंबई कहीं नहीं सरक रही, दरअसल आपकी बुद्धि सरक रही है। मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने की हिम्मत किसी के बाप में नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में मुंबई को जितना मिला, उतना पहले कभी नहीं मिला।”
एकनाथ शिंदे हैं विचारों के असली वारिस
बालासाहेब ठाकरे की विरासत पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारे साथ हिंदू हृदय सम्राट शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे के दमदार शेर एकनाथ शिंदे हैं। जन्म से खून का वारिस मिल सकता है, लेकिन विचारों का वारिस कर्म से मिलता है। यह वारिस एकनाथ शिंदे के पास है।”
मुंबईकरों को घर देने का वादा
फडणवीस ने आश्वासन दिया, “मराठी लोग मुंबई से बाहर नहीं जाएंगे। उन्हें यहीं घर देंगे, बड़ा घर देंगे। झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले हर मुंबईकर को घर मिलेगा। हम सिर्फ बोलने वाले नहीं, हमारे काम की स्मारकें मुंबई में देखने को मिल रही हैं। नगर निगम के माध्यम से नई मुंबई बनाकर दिखाएंगे।”
बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई
फडणवीस ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाला महायुति गठबंधन मुंबई से “बांग्लादेशी घुसपैठियों” की पहचान कर उन्हें निर्वासित करेगा। हम मुंबई में बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान करेंगे और उन्हें वापस भेजेंगे, जिससे शहर अधिक सुरक्षित होगा। पिछले सात महीनों में कई बांग्लादेशियों को मुंबई से वापस भेजा जा चुका है और हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक कि सभी घुसपैठियों को निर्वासित नहीं कर दिया जाता।”
हिंदू और मराठी महापौर
फडणवीस ने महापौर पद का जिक्र करते हुए कहा, “उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और मैंने यह स्पष्ट कर दिया है कि मुंबई को एक मराठी-हिंदू महापौर मिलेगा। कुछ लोगों ने बुर्का पहनी महिला के महापौर बनने की बात कही, लेकिन मराठी गौरव का दावा करने वालों ने इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई। हमारा रुख स्पष्ट है। एक मराठी-हिंदू ही मुंबई का महापौर होगा।” भाजपा की मुंबई इकाई के अध्यक्ष अमित साटम द्वारा हाल ही में यह टिप्पणी करने के बाद कि उनकी पार्टी किसी भी “खान” को शहर का महापौर नहीं बनने देगी, यह मुद्दा और भी गर्मा गया, जिससे शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं आईं। अपने चचेरे भाई एवं शिवसेना (यूबीटी) के पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ गठबंधन करने के बाद, मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने घोषणा की थी कि “मुंबई का महापौर मराठी होगा और वह हमारी पार्टी से ही होगा।”

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