जनजीवन बुरी तरह प्रभावित
मुंबई और आसपास के जिलों में शनिवार को हुई मूसलाधार बारिश ने शहर की रफ्तार थाम दी। कई निचले इलाके जलमग्न हो गए। घरों और दुकानों में पानी घुस गया। सड़क, रेल और मेट्रो सेवाएं प्रभावित रहीं। लोगों को ट्रैफिक जाम और जलभराव के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। (Rains lash Mumbai, waterlogging reported in several areas)
मुंबई समेत चार जिलों में रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने मुंबई, ठाणे, रायगढ़ और पालघर के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। 6 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने लोगों से बिना जरूरी काम घर से बाहर नहीं निकलने, समुद्र किनारे न जाने और पेड़ों व कमजोर निर्माणों से दूर रहने की अपील की है। (Rains lash Mumbai, waterlogging reported in several areas).
स्कूल-कॉलेजों में दोपहर बाद छुट्टी
भारी बारिश को देखते हुए मुंबई शहर और उपनगरों के सभी सरकारी और निजी स्कूलों तथा कॉलेजों में छात्रों की सुरक्षा के लिए दोपहर बाद छुट्टी घोषित कर दी गई।
कई इलाकों में रिकॉर्ड बारिश
बीएमसी के अनुसार शाम 8 बजे तक मुंबई शहर में औसतन 116 मिमी, पूर्वी उपनगर में 180 मिमी और पश्चिमी उपनगर में 166 मिमी बारिश दर्ज की गई। विक्रोली पश्चिम में 246.6 मिमी, पवई में 240 मिमी, चिंचोली में 220.8 मिमी और अंधेरी में 208 मिमी बारिश हुई।
10 हजार कर्मचारी राहत कार्य में जुटे
बीएमसी ने 10 हजार से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को अलग-अलग इलाकों में तैनात किया है। कंट्रोल रूम लगातार शिकायतें लेकर संबंधित विभागों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश देता रहा। पंपिंग स्टेशन, स्टॉर्म वॉटर और सीवेज सिस्टम पर विशेष निगरानी रखी गई।
मंत्रियों ने लिया हालात का जायजा
आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन और मुंबई उपनगर के पालक मंत्री आशीष शेलार ने बीएमसी मुख्यालय पहुंचकर आपातकालीन नियंत्रण कक्ष से स्थिति की समीक्षा की। महापौर रितु तावड़े और मनपा आयुक्त अश्विनी भिड़े भी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
भांडुप में सड़क धंसी
भांडुप पश्चिम के एलबीएस रोड पर एशियन पेंट्स के सामने करीब 100×100 फीट सड़क धंस गई। वहां चल रही खुदाई के दौरान एक वाहन गड्ढे में गिर गया। इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
140 से अधिक घटनाएं दर्ज
भारी बारिश और तेज हवा के कारण मुंबई में पेड़ और टहनियां गिरने की 91 से अधिक घटनाएं सामने आईं। शॉर्ट सर्किट के करीब 30 मामले और अन्य 19 दुर्घटनाएं भी दर्ज की गईं।
नाले उफने, कई सड़कें बंद
अंधेरी का मोगरा नाला सहित कई छोटे नाले ओवरफ्लो हो गए। चेंबूर, अंधेरी और विक्रोली के कई प्रमुख मार्गों पर जलभराव के कारण कुछ समय के लिए यातायात बंद किया गया और वाहनों के रूट बदले गए।
रेल और मेट्रो सेवाएं प्रभावित
भारी बारिश के कारण पश्चिमी, मध्य और हार्बर लाइन की लोकल ट्रेनें 20 से 30 मिनट की देरी से चलीं। कई जगह ट्रैक पर पानी भरने से ट्रेनों की गति कम करनी पड़ी। वसई रोड सेक्शन में कुछ मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों को रोका गया और कई ट्रेनों का समय बिगड़ गया। केल्वे रोड के पास मालगाड़ी के इंजन में आई तकनीकी खराबी से भी रेल यातायात प्रभावित हुआ। वहीं मेट्रो-2ए लाइन पर तकनीकी खराबी के कारण मंडपेश्वर स्टेशन पर सेवाएं कुछ समय प्रभावित रहीं।
लेप्टोस्पायरोसिस को लेकर सतर्कता
बीएमसी ने जलभराव के बीच लेप्टोस्पायरोसिस के खतरे को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। जरूरत पड़ने पर डॉक्सीसाइक्लिन 200 एमजी दवा लेने की सलाह दी गई है। यह दवा बीएमसी की डिस्पेंसरी और क्लिनिक में उपलब्ध है।

