मुंबई: छोटे परदे यानी टेलीविजन पर लाइव शो आता था ‘राज पिछले जन्म का’। वैसे तो इस शो को लोगों ने काफी पसंद किया था लेकिन इसका विरोध किए जाने के कारण कुछ ही एपिसोडों के बाद इसे बंद कर दिया गया था। लेकिन उस धारावाहिक की याद बॉलीवुड के सुपर स्टार संजय दत्त की उस कहानी की वजह से एक बार फिर से ताजी हो गई, जो कभी खुद संजू बाबा ने सुनाई थी।
बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त जल्द ही फिल्म ‘धुरंधर’ में एसपी के रोल में नजर आएंगे। 5 दिसंबर को रिलीज हो रही मूवी में वह पुलिस फोर्स को लीड करते दिखेंगे। मगर उसके पहले इनके पिछले जन्म के बारे में कुछ जानकारी सामने आई है, जो खुद एक्टर ने बताई है। लंबे समय से इंडस्ट्री में एक्टिव अभिनेता ने एक बार इस अजीब घटना के बारे में बताया था कि कैसे एक पुजारी ने उन्हें उनके पिछले जन्म के बारे में कई चौंकाने वाले दावे किए थे।
संजय दत्त ने बताया था कि वह पिछले जन्म में एक राजा थे। 2005 के एक एपिसोड में इस अनुभव का जिक्र करते हुए कहा था कि चेन्नई के पास शिवनेरी नाम की एक जगह है। कर्नाटक के गंगावती कस्बे के एक दोस्त ने उन्हें इस गांव जाने का सुझाव दिया था। एक्टर ने याद करते हुए बताया था, ‘ये एक छोटा-सा गांव है और वहां आप अपने अंगूठे के निशान देते हैं और फिर वो आपका पता ढूंढ लेते हैं।’
पिछले जन्म के कर्म के कारण मिले दुख
संजय दत्त के मुताबिक, पुजारी ने उनक पता खोज लिया और कहा कि आपके पिता का नाम बलराज दत्त है तो मैंने कहा नहीं, वह तो सुनील दत्त हैं। फिर उन पंडित ने कहा कि मां का नाम फातिमा हुसैन होना चाहिए। गौर तलब हो कि संजय दत्त के अभिनेता पिता सुनील दत्त का असली नाम बलराज दत्त ही था और बहुत कम लोग जानते होंगे कि रुपहले पर्दे पर नरगिस के नाम से लोकप्रिय संजय दत्त की मां का असली फातिमा हुसैन था।’ एक्टर ने बताया कि पुजारी ने उनके पिछले जन्म के बारे में भी काफी कुछ दावा किया था। पुजारी के मुताबिक, उन्हें (संजय को) अपने पिछले जन्म के कर्मों के कारण इस जन्म में बहुत दुख सहना पड़ा।
संजय दत्त पिछले जन्म में कौन थे?
बतौर संजय, पुजारी ने उनसे आगे कहा था कि वह (संजय) पिछले जन्म में अशोक वंश के राजा थे। उनकी पत्नी का उनके मंत्री के साथ नाजायज संबंध थे और इसलिए पत्नी ने संजय को युद्ध में मरने के लिए भेज दिया था। लेकिन उन्होंने बहुत से लोगों को मारा और जब मैं वापस आए तो उन्हें पत्नी की बेवफाई की जानकारी मिल इससे नाराज होकर संजय ने पत्नी और मंत्री को भी मार दिया था। पुजारी ने बताया था कि संजय पिछले जन्म में शिवभक्त थे इसलिए वह बाद में वन में चले गए और वहीं भूख के कारण उनकी मौत हो गई थी।

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