जल्द पूरा हो आम लोगों के घर का सपना
मुंबई. महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में चल रही आवास परियोजनाओं को तेज गति से पूरा करने पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाएं तय समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरी हों, ताकि पात्र नागरिकों को जल्द से जल्द उनके घर उपलब्ध कराए जा सकें।
मुंबई के सह्याद्री अतिथिगृह में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) और अन्य आवास योजनाओं की समीक्षा बैठक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई। बैठक में गृहनिर्माण राज्यमंत्री पंकज भोयर, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी परियोजनाओं का काम तेज किया जाए और गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।
प्रधानमंत्री आवास योजना को मिला अच्छा प्रतिसाद
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत 30 जुलाई 2026 तक राज्य में 4,21,083 लाभार्थियों ने यूडब्ल्यूपी वेब पोर्टल पर पंजीकरण कराया है। सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र परिवारों को योजना का लाभ देना है।
1.60 लाख से अधिक घरों को मंजूरी
योजना के तहत महाराष्ट्र में अब तक 1,60,463 घरों को मंजूरी दी जा चुकी है। इनमें व्यक्तिगत आवास निर्माण, किफायती आवास, पीपीपी मॉडल और किराये के आवास शामिल हैं। इसके अलावा 43,691 प्रस्तावित घरों को भी मंजूरी मिल चुकी है।
675 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता
व्यक्तिगत आवास निर्माण घटक के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने 675.45 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। 7 जुलाई 2026 को 448.69 करोड़ रुपए जारी किए गए, जबकि 24 जुलाई को दूसरी किस्त के रूप में 74.96 करोड़ रुपए के वितरण के आदेश जारी किए गए।
लाभार्थियों को विशेष रियायतें
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लाभार्थियों को मकान निर्माण के लिए 5 ब्रास रेत मुफ्त दी जा रही है। माप शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट और पहले दस्तावेज पर केवल 1,000 रुपए स्टांप शुल्क लिया जा रहा है। सरकारी और अर्धसरकारी संस्थाओं को 1 रुपए प्रति वर्गमीटर की दर से जमीन उपलब्ध कराई जा रही है।
एक पोर्टल पर मिलेगी सभी घरों की जानकारी
सरकार राज्य में उपलब्ध सभी आवासों का एकीकृत “हाउसिंग स्टॉक” तैयार कर रही है। इसमें म्हाडा, सिडको, एमएमआरडीए, बीएमसी और एसआरए की उपलब्ध आवासीय इकाइयों की जानकारी एक ही पोर्टल पर होगी। दिव्यांग, गिरणी मजदूर, माथाड़ी कामगार, डब्बावाले और तृतीयपंथी जैसे विशेष वर्गों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
घरों के वितरण की नई व्यवस्था
सरकार ने तय किया है कि सबसे पहले जर्जर इमारतों के निवासियों, परियोजना प्रभावित परिवारों और पुनर्वास की आवश्यकता वाले लोगों को घर दिए जाएंगे। इसके बाद किराए के आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। बची हुई आवासीय इकाइयों का वितरण प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र लाभार्थियों, संबंधित प्राधिकरण की लॉटरी और अंत में “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया के लिए अलग वेबसाइट और मोबाइल ऐप भी विकसित किया जाएगा, जिससे आवास वितरण अधिक पारदर्शी और सरल बनेगा।

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