सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण को सरकार की प्राथमिकता
मुंबई. राज्य की लगभग 50 से 55 लाख एकल महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए महाराष्ट्र सरकार व्यापक और स्वतंत्र नीति लागू करने जा रही है. महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिती तटकरे (Aditi Tatakare) ने कहा कि एकल महिलाओं के हितों की रक्षा और उनकी जरूरतों को पूरा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी.
जिलास्तरीय कार्यशाला का आयोजन
जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित ‘एकल महिला दिवस’ और प्रस्तावित ‘एकल महिला नीति’ पर जिलास्तरीय कार्यशाला में मंत्री तटकरे ने यह घोषणा की. इस दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने वाले क्यूआर कोड का भी अनावरण किया गया.
महिलाओं की जरूरतों के अनुसार बनेगी नीति
आदिती तटकरे ने कहा कि यह नीति समय के साथ महिलाओं की जरूरतों और सुझावों के आधार पर अपडेट की जाएगी. एकल महिलाओं के लिए सुरक्षित आश्रय, कौशल विकास केंद्र, आवास संबंधी सुविधाएं तथा घरेलू हिंसा के मामलों के त्वरित निपटारे पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
सामाजिक बदलाव की दिशा में पहल
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने ‘अंतरराष्ट्रीय विधवा दिवस’ के स्थान पर ‘एकल महिला दिवस’ मनाने का निर्णय लिया है. इसका उद्देश्य महिलाओं को सम्मानजनक पहचान देना और समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है.
अभियान’ को मिली मजबूती
मंत्री तटकरे ने बताया कि राज्य में अब तक 24 हजार से अधिक आदिशक्ति समितियां गठित की जा चुकी हैं. ये समितियां महिला सुरक्षा, बाल विवाह रोकथाम, शिक्षा और सरकारी योजनाओं के लाभों की निगरानी कर स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं.

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