मुंबई ही नहीं, पूरे राज्य के संतुलित विकास पर जोर
मुंबई। महाराष्ट्र को केवल मुंबई-केंद्रित विकास तक सीमित न रखते हुए पूरे राज्य को देश के विकास का ‘ग्रोथ इंजन’ बनाने की दिशा में सरकार काम कर रही है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने कहा कि बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था के दौर में महाराष्ट्र के विकास को आधुनिक, टिकाऊ, वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य और आम नागरिकों के लिए अनुकूल बनाना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने लोगों से तेज विकास के ‘चेंज मेकर’ बनने का आह्वान भी किया।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे इकोनॉमिक टाइम्स बिजनेस कॉन्क्लेव एंड अवॉर्ड्स 2026 (Economic Times Business Conclave and Awards 2026) में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि मुंबई के साथ नागपुर, पुणे, नासिक, छत्रपति संभाजीनगर, ठाणे, नवी मुंबई सहित विदर्भ, मराठवाड़ा, कोंकण और पश्चिम महाराष्ट्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़कर महाराष्ट्र को देश की आर्थिक प्रगति का प्रमुख इंजन बनाया जाएगा।
विकास के साथ पर्यावरण का संतुलन
शिंदे ने कहा कि महाराष्ट्र जैसे बड़े समुद्र तट, विविध भौगोलिक परिस्थितियों और तेजी से विकसित हो रहे राज्य के लिए जलवायु परिवर्तन गंभीर चुनौती है। इसलिए विकास की योजना बनाते समय पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन को केंद्र में रखना जरूरी है।
मुंबई जैसे तटीय शहर में बढ़ती गर्मी, बाढ़, समुद्र के जलस्तर में वृद्धि और प्रदूषण जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए फ्लड कंट्रोल, तटीय सुरक्षा, हरित क्षेत्र बढ़ाने, वर्षा जल प्रबंधन, टिकाऊ परिवहन और तकनीक आधारित नियोजन पर जोर दिया जा रहा है।
बुनियादी ढांचे को मिलेगी गति
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र के आर्थिक विकास को मजबूत बुनियादी ढांचे का आधार दिया जा रहा है। मुंबई मेट्रो, कोस्टल रोड, समृद्धि महामार्ग, एक्सप्रेसवे, हवाई अड्डे, बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं का उद्देश्य केवल निर्माण करना नहीं, बल्कि उद्योगों को बढ़ावा देना, नागरिकों की यात्रा आसान करना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। मुंबई और मुंबई महानगर क्षेत्र (Mumbai Metropolitan Region-MMR) में मेट्रो, कोस्टल कनेक्टिविटी, अटल सेतु, मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक, बुलेट ट्रेन, मेट्रो-3 और वाढवण बंदरगाह जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। एमएमआर में 337 किलोमीटर का मेट्रो नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। इसके साथ रेलवे, सड़क, मेट्रो और जल परिवहन के मल्टीमॉडल एकीकरण पर भी जोर दिया जा रहा है।
मुंबई से बाहर भी विकास का विस्तार
एकनाथ शिंदे ने कहा कि सरकार का लक्ष्य मुंबई तक विकास को सीमित रखना नहीं है। टियर-2 और टियर-3 शहरों को मजबूत आर्थिक केंद्र बनाने के लिए इंडस्ट्रियल पार्क, आईटी जोन, लॉजिस्टिक्स हब, मेट्रो कनेक्टिविटी और रोजगार क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। इससे राज्य के विभिन्न हिस्सों में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र को देश के विकास का ‘ग्रोथ इंजन’ बनाने के लिए क्षेत्रीय संतुलन के साथ विकास किया जा रहा है।
मुंबई को वैश्विक आर्थिक केंद्र बनाने का लक्ष्य
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि मुंबई और एमएमआर के विकास के लिए व्यापक रोडमैप तैयार किया गया है। मुंबई की जीडीपी को दोगुना कर उसे वैश्विक आर्थिक केंद्र बनाने की दिशा में काम जारी है। एमएमआर में करीब 4 लाख करोड़ रुपये के निवेश के लिए सामंजस्य करार हुए हैं।
उन्होंने कहा कि एमएमआर में करीब 1.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था विकसित करने की क्षमता है। मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (Mumbai Metropolitan Region Development Authority-MMRDA) और वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (World Economic Forum-WEF) के सहयोग से मुंबई को वैश्विक फिनटेक केंद्र के रूप में विकसित करने के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी।
2030 तक 35 लाख किफायती घर
शिंदे ने कहा कि विकास का वास्तविक अर्थ आम लोगों के जीवन स्तर में सुधार होना है। इसलिए बुनियादी ढांचे के साथ किफायती आवास को भी प्राथमिकता दी जा रही है। मुंबई और एमएमआर में बढ़ती आवास जरूरतों को देखते हुए नई आवास नीति लागू की गई है।
इसके तहत 2030 तक आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और निम्न आय वर्ग के लिए 35 लाख घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। मुंबई को झोपड़पट्टी मुक्त बनाने के लिए ‘हिंदुहृदयसम्राट बाळासाहेब ठाकरे नागरी लोककल्याण अभियान’ (HinduhrydaySamrat Balasaheb Thackeray Nagari Lok Kalyan Abhiyan) चलाया जा रहा है। झोपड़पट्टी पुनर्विकास के साथ नई झोपड़पट्टियां बनने से रोकने के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
निवेशकों को महाराष्ट्र का खुला निमंत्रण
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था 1 ट्रिलियन डॉलर की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है और राज्य में निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया गया है। युवाओं को रोजगार के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े, इसके लिए महाराष्ट्र में ही उद्योग, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकसित महाराष्ट्र के बिना विकसित भारत का सपना पूरा नहीं हो सकता। आने वाली पीढ़ियों के लिए आधुनिक, टिकाऊ, वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सक्षम और आम नागरिकों के लिए अनुकूल महाराष्ट्र का निर्माण ही सरकार का लक्ष्य है।
महाराष्ट्र को बनाएंगे देश का ‘ग्रोथ इंजन’: उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे

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