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वैष्णो देवी आपदा पर सियासत शुरू : 41 हुई मृत तीर्थ यात्रियों की संख्या!

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सरकार ने उठाए उपराज्यपाल पर सवाल
मुंबई. जम्मू कश्मीर में बीते तीन दिनों से हो रही बारिश ने पिछले करीब 115 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. इस दौरान वैष्णो देवी धाम पर हुए भूस्खलन में मरने वालों की संख्य 41 हो गई है. जबकि कई अन्य लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं. दूसरी तरफ वैष्णो देवी धाम पर हुए हादसे पर अब सियासत भी शुरू हो गई है. सूबे के सीएम उमर अब्दुल्ला और उप मुख्यमंत्री सुरेंद्र चौधरी राज्य के उप राज्यपाल (एलजी) मनोज सिन्हा पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास किया है.
जम्मू कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरेंद्र चौधरी ने कटरा में हुए हादसे के लिए माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड को ज़िम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि जब मौसम खराब था, बादल फटने और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया था तो तीर्थयात्रा क्यों जारी रखी गई? माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के सीईओ और जम्मू-कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा को इसका जवाब देना चाहिए.
हादसा नहीं ये हत्या है!
डीसीएम चौधरी ने वैष्णो देवी धाम पर हुए हादसे को लेकर एलजी पर हमला बोलते हुए कहा कि ये हादसा नहीं, तीर्थ यात्रियों की हत्या है. उन्होंने कहा कि एलजी को पता होना चाहिए कि हाई अलर्ट क्या होता है. उन्हें जारी अलर्ट होने के बाद तीर्थयात्रा तुरंत रोक देनी चाहिए थी. इसे जारी रखने पर सवाल उठाते हुए डीसीएम चौधरी ने एक आपराधिक साजिश बताया. उन्होंने मांग की है कि एलजी सहित जो भी दोषी हो, सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए. क्योंकि निर्दोष तीर्थ यात्रियों की जान गई है.


उमर अब्दुल्ला ने लगाए गंभीर आरोप
डीसीएम चौधरी से पहले जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इसी तरह के सवाल उठाए हैं. उन्होंने बुधवार को पूछा था कि उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता वाले श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने भारी बारिश की पूर्व चेतावनी के बावजूद तीर्थयात्रा जारी रखने की अनुमति क्यों दी? मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने अधिकारियों के उदासीन रवैये की भी आलोचना करते हुए कहा कि जब हमें मौसम की चेतावनी कुछ दिन पहले ही मिल गई थी, तो यात्रियों की जान बचाने के लिए कुछ कदम क्यों नहीं उठाए गए? अब्दुल्ला ने आगे पूछा, “ये लोग ट्रैक पर क्यों थे? उन्हें क्यों नहीं रोका गया? उन्हें सुरक्षित स्थान पर क्यों नहीं पहुँचाया गया?”
नागरिकों में भारी आक्रोश
माता वैष्णो देवी भवन मार्ग पर हुए हादसे की वजह से कटरा के लोगों में जबरदस्त गुस्सा देखने को मिल रहा है. कटरा के नागरिकों ने कटरा के शाली मार्ग पार्क से लेकर मुख्य बस अड्डे तक प्रदर्शन किया. लोगों का कहना है कि इस हादसे के लिए श्राइन बोर्ड की लापरवाही जिम्मेदार है, आखिर इतना बड़ा हादसा कैसे हो गया? वहीं, कुछ लोगों ने कहा कि श्राइन बोर्ड को माता वैष्णो देवी बोर्ड द्वारा चलाए जा रहे वीवीआईपी कल्चर को भी बंद करना चाहिए.

एलजी और योगी ने की मदद की घोषणा
वैष्णो देवी धाम पर हुए हादसे से प्रभावित ज़्यादातर पीड़ित उत्तर भारतीय राज्यों, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली और पंजाब के हैं. एलजी सिन्हा ने मृतकों के परिजनों के लिए 9 लाख रुपए की अनुग्रह राशि की घोषणा की है तो वहीं उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी राज्य के पीड़ितों के परिजनों को 4 लाख रुपए का मुआवज़ा देने की घोषणा की है.

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