कारोबारियों को बदलाव का समय
मुंबई. खुले खाद्य तेल (Cooking Oil) की बिक्री पर अन्न व औषधि प्रशासन (FDA) द्वारा लगाई गई पाबंदी के तहत की जाने वाली कार्रवाई को महाराष्ट्र सरकार ने फिलहाल एक साल के लिए स्थगित कर दिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने खुले खाद्य तेल कारोबारियों को अपने कारोबार की मौजूदा पद्धति में कानून के अनुसार जरूरी बदलाव करने के लिए एक साल की मोहलत देने की घोषणा की है। इस दौरान सरकार कारोबारियों को जरूरी मार्गदर्शन, सुविधाएं और जरूरत के अनुसार अनुदान या सब्सिडी उपलब्ध कराने पर भी विचार करेगी।
एफडीए और व्यापारियों की समिति बनेगी
मंत्रालय में मुख्यमंत्री फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में अन्न व औषध प्रशासन (Food and Drug Administration – FDA) और व्यापारी प्रतिनिधियों की संयुक्त समितियां बनाने का फैसला लिया गया। एक समिति पारंपरिक तरीके से कारोबार करने वाले व्यापारियों की समस्याओं का अध्ययन करेगी, जबकि दूसरी समिति विक्रेताओं, उत्पादकों और पुनर्पैकेजिंग कारोबारियों के लिए जरूरी सुविधाओं और व्यवस्थाओं पर सुझाव देगी।
एक साल बाद कानून का पालन जरूरी
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह मोहलत केवल बदलाव के लिए संक्रमण अवधि है। एक साल पूरा होने के बाद और समय नहीं दिया जाएगा तथा कारोबारियों को कानून का पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खुले खाद्य तेल की मांग है और इस कारोबार से कई लोगों की आजीविका जुड़ी है। इसलिए पारंपरिक कारोबार को कानूनी व्यवस्था में लाने के लिए उचित समय देना जरूरी है।
पैकेजिंग और गुणवत्ता जांच में मदद
सरकार की ओर से कारोबारियों को गुणवत्ता जांच व्यवस्था, पैकेजिंग सुविधाएं और अन्य जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहयोग किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसी कारोबारी को वंचित नहीं करना चाहती, लेकिन खाद्य तेल की गुणवत्ता और नागरिकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कानून का पालन भी जरूरी है।
राज्य में 2,103 लाइसेंसधारी कारोबारी
राज्य में फिलहाल 2,103 खुले खाद्य तेल कारोबारी लाइसेंसधारी हैं। इनमें 370 कारोबारियों के पास पुनर्पैकेजिंग और 489 के पास खाद्य तेल उत्पादन के लाइसेंस हैं। खाद्य तेल में मिलावट और नागरिकों के स्वास्थ्य पर इसके असर को देखते हुए केंद्र सरकार ने वर्ष 2011 में संबंधित कानूनी प्रावधान लागू किए थे।
एक महीने में रिपोर्ट देगी समिति
बैठक में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार (Sunetra Ajit Pawar), राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले (Chandrashekhar Bawankule), अन्न व औषध प्रशासन मंत्री नरहरी झिरवल (Narhari Zirwal), अपर मुख्य सचिव मनिषा म्हैसकर (Manisha Mhaiskar), संजय खंदारे (Sanjay Khandare) और एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे (Tukaram Mundhe) सहित जनप्रतिनिधि और कारोबारी संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने दोनों समितियों को सभी संबंधित पक्षों से चर्चा कर एक महीने के भीतर सरकार को रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
खुले खाद्य तेल पर पाबंदी स्थगित मुख्यमंत्री फडणवीस ने दी एक साल की मोहलत
Article Top Ad
Article Inline Ad
Article Bottom Ad