मुंबई : सांताक्रुज (पूर्व) [Santacruz East] स्थित वी. एन. देसाई अस्पताल (V. N. Desai Hospital) में बाह्य रोगी विभाग (OPD) सेवाएं अब सुचारू रूप से चलती रहेंगी। अस्पताल में बिजली से जुड़े मरम्मत कार्यों के कारण इसे तीन महीने के लिए बंद करने का निर्णय लिया गया था, जिसे स्थानीय नागरिकों और जन प्रतिनिधियों के कड़े विरोध के बाद प्रशासन को बदलना पड़ा।

बिना वैकल्पिक व्यवस्था के फैसले से मरीजों में आक्रोश
अस्पताल को अचानक बंद करने और कोई भी वैकल्पिक इंतजाम न किए जाने से प्रतिदिन आने वाले हजारों मरीजों के सामने इलाज का संकट खड़ा हो गया था। स्थानीय जनप्रतिनिधियों को बिना विश्वास में लिए लिए गए इस निर्णय से आम नागरिकों और मरीजों में भारी नाराजगी उत्पन्न हो गई, जिसके कारण उन्होंने अस्पताल परिसर में एकत्रित होकर विरोध दर्ज कराया।
वरुण सरदेसाई के नेतृत्व में हुआ जनआंदोलन
शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे (Shiv Sena UBT) पार्टी के विधायक वरुण सरदेसाई (Varun Sardesai) के नेतृत्व में स्थानीय निवासियों और कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इस आंदोलन में नगरसेवक पूजा महाडेश्वर (Pooja Mahadeshwar), गितेश राउत (Gitesh Raut), सदा परब (Sada Parab), रोहिणी कांबले (Rohini Kamble), प्रज्ञा भुतकर (Pragya Bhutkar), हरि शास्त्री (Hari Shastri) और पूर्व शाखा प्रमुख उदय दलवी (Uday Dalvi) सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
बीएमसी आयुक्त को पत्र लिखकर उठाई गई मांग
आंदोलन के दौरान अस्पताल प्रबंधन के माध्यम से बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) आयुक्त अश्विनी भिड़े (Ashwini Bhide) को एक पत्र दिया गया। इस पत्र में मांग की गई है कि अस्पताल परिसर में ही ओपीडी (OPD) सेवाओं के संचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, ताकि आम जनता के स्वास्थ्य और इलाज से किसी भी प्रकार का समझौता न हो।

प्रशासनिक आश्वासन और आगे की रणनीति
जनता और जनप्रतिनिधियों के कड़े रुख को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि ओपीडी सेवाओं को बंद नहीं किया जाएगा। हालांकि, प्रदर्शनकारियों और जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक इस आश्वासन को पूरी तरह लागू नहीं किया जाता, तब तक वे प्रशासनिक गतिविधियों पर अपनी सतत निगरानी (फॉलो-अप) जारी रखेंगे।
