क्रिप्टो लेनदेन की भी जांच
प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate-ED) ने अंतरराष्ट्रीय नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले सिंडिकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मुंबई, नवी मुंबई, सूरत और भावनगर में 11 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। 28 अक्टूबर को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई यह कार्रवाई नवीन (Naveen) और धीरज चिचकर (Dheeraj Chichkar) द्वारा संचालित कथित ड्रग्स नेटवर्क से जुड़ी है।
नशीले पदार्थों की कमाई की जांच
ईडी की जांच का मुख्य उद्देश्य ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने के साथ अपराध से अर्जित अवैध संपत्ति का पता लगाना और काली कमाई को वैध वित्तीय व्यवस्था में खपाने के तरीकों का खुलासा करना है। जांच में उच्च गुणवत्ता वाली हाइड्रोपोनिक गांजा, कोकीन और मेथामफेटामाइन की तस्करी से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
डिजिटल उपकरण और वित्तीय रिकॉर्ड जब्त
तलाशी अभियान के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए। इनमें महंगे स्मार्टफोन, लैपटॉप, स्टोरेज मीडिया, व्यावसायिक खातों की किताबें, वित्तीय लेजर और निवेश संबंधी रिकॉर्ड शामिल हैं।
क्रिप्टो लेनदेन की भी पड़ताल
जांच के दौरान क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े कुछ ठिकानों पर भी तलाशी ली गई। यहां क्रिप्टो वॉलेट और एक्सचेंज से संबंधित सामग्री मिली है, जिनका संबंध कथित तौर पर ड्रग्स से अर्जित कमाई के लेनदेन से हो सकता है। जांच एजेंसी को संदेह है कि भारत के बाहर संचालित कुछ क्रिप्टो एक्सचेंजों के माध्यम से इस अवैध कमाई का लेनदेन किया जा रहा था।
अवैध कमाई को वैध बनाने का आरोप
ईडी के अनुसार, तस्करी से हासिल रकम को हवाला और अन्य माध्यमों से अलग-अलग व्यवसायों में निवेश किए जाने की आशंका है। एजेंसी अब जब्त दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क और अपराध से अर्जित धन के लेनदेन की कड़ियां जोड़ी जा सकें। मामले में आगे की जांच जारी है।
ड्रग्स सिंडिकेट पर ईडी का शिकंजा : मुंबई, नवी मुंबई, सूरत और भावनगर में 11 ठिकानों पर छापेमारी
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